महासमुंद जिले के कमारों की आर्थिक स्थिति एवं विकास प्राधिकरण के कमारों के साथ तुलनात्मक मानवशास्त्रीय अध्ययन
रश्मि शर्मा1 एवं अशोक प्रधान2
1आदिम जाति शोध संस्थान, रायपुर (छ0ग0).
2मानवविज्ञान अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर (छ0ग0).
1. प्रस्तावना
मानव जीवन के विकास के तीन महत्वपूर्ण सूचक हैं, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आय। इन तीनों के स्तर में सकारात्मक वृद्धि के साथ ही मानव जीवन में गतिशीलता और किसी एक के भी पीछे छूटने का अर्थ गतिशीलता में ठहराव स्वाभाविक है । भारत सरकार द्वारा पांचवें पंचवर्षीय योजना की मध्यावधि में कुल 52 जनजाति समुदायों को शिक्षा के निम्न स्तर, निम्न आर्थिक स्थिति एवं स्थिर जनसंख्या वृद्धि दर के आधार पर विशेष पिछड़ी जनजाति के रूप में चिन्हित किया गया था । आदिम अवस्था की आर्थिकी एवं जीवन यापन करने के कारण इन्हें आदिम जनजाति कहते हैं । वर्तमान् में संपूर्ण भारत में इनकी संख्या 75 है । भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा अधिसूचित इन 75 जनजातियों में से 5 आदिम जनजातियां छत्तीसगढ़ में निवासरत् हैं । आदिम जनजाति कमार इन पांच अधिसूचित जनजातियों में से एक है । वर्ष 2001 की जनगणनानुसार छत्तीसगढ़ में जनजातीय जनसंख्या का प्रतिशत 31.76 प्रतिशत है । देश की कुल अनुसूचित जनजातियों का 8.44 प्रतिशत जनसंख्या छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत है । छत्तीसगढ़ में कमारों की कुल जनसंख्या 23,113 है जिसमें से 11,413 पुरुष एवं 11,700 स्त्रियां हैं । इनकी कुल साक्षरता दर जनगणना 20001 के अनुसार 25.64 प्रतिशत है ।
आदिम जनजातियों के विकास के लिये विकास प्राधिकरणों का गठन सभी आदिम जनजातीय क्षेत्रों में किया गया है । जिनके अंतर्गत् इन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये अनेक विकासीय कार्यक्रम विशेष रूप से संचालित किये जा रहे हैं । इन विकास प्राधिकरणों का कार्यक्षेत्र इन आदिम जनजातियों के निवास क्षेत्रों तक सीमित है । छत्तीसगढ़ राज्य में कमार मुख्यतः रायपुर, धमतरी व महासमुंद जिले में निवासरत हैं, परंतु कमार विकास प्राधिकरण के अंतर्गत् सिर्फ रायपुर व धमतरी जिले के कमार ही सम्मिलित हैं । महासमुंद जिले के कमार विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नहीं आ पाने के कारण विकास प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लाभों से वंचित हैं ।
प्रस्तुत अध्ययन, कमार विकास प्राधिकरण क्षेत्र से बाहर महासमुंद जिले के कमारों की आर्थिक स्थिति का कमार विकास प्राधिकरण क्षेत्र के कमारों के साथ तुलनात्मक संदर्भ में किया गया है। तुलनात्मक अध्ययन हेतु 2007 में कमार विकास अभिकरण क्षेत्र में हुये प्रोजेक्ट रिपोर्ट । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंत रू ज्ीम डवेज च्तपउपजपअम ज्तपइम व िब्ीींजजपेहंतीण् ;।ेीवा च्तंकींद ंदक डवलदं ब्ींातंअंतजलद्ध के तथ्यों को द्वितीयक तथ्यों के रूप में लिया गया है ।
जनजाति परिचय: कमार छत्तीसगढ़ की 5 आदिम जनजातियांे कमार, बिरहोर, अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा व बैगा में से एक है । कमार विकास अभिकरण (2002) के अनुसार 267 ग्रामों में 3910 परिवार हैं जिनकी कुल जनसंख्या 17,421 है और इनमें साक्षरता दर 40.16 प्रतिशत है। रसेल एवं हीरालाल (1916) के अनुसार कमारों की प्रजाति द्रविड़ है और यह गोंड़ जनजाति की एक शाखा हैं । वैसे कमार अपनी उत्पत्ति मैनपुर विकासखंड के देवडोंगर ग्राम से बताते हंै । मुख्यतः ये रायपुर, धमतरी व महासमुंद जिले के क्रमशः गरियाबंद, छुरा, मैनपुर, बिंद्रानवागढ़, नगरी, महासमुंद व बागबाहरा विकासखंडों में निवासरत् हैं ।
सांस्कृतिक पृष्ठभूमि: इनका मुख्य व्यवसाय बांस.बर्तन निर्माण, आखेट, वनोपज संग्रहण व आदिम कृषि हैं । ये पितृवंशीय हैं । परिवार प्रायः केंद्रित होते हैं । मुख्य रूप से इनमें सात गोत्र पाये जाते हैंदकजगत, मरकाम, नेताम, सोरी, मरई, छेदइहा, और कुंजाम । इनमें मृतक को दफनाने की प्रथा है । इनके प्रमुख देव कचनाधुरवा, बुढ़ादेव, ठाकुरदेव, बड़ीमाता, मंझलीमाता, छोटीमाता, बूढ़ीमाई व धरतीमाता हैं । इनके मुख्य त्यौहार हरेली, पोला, नवाखाई, दशहरा, दीवाली, छेरछेरा इत्यादि हैं । भूत.प्रेत, जादू.टोना में ये विश्वास करते हैं । तंत्रं.मंत्र एवं जड़ी.बूटी का जानकार बैगा कहलाता है ।
2. प्रयुक्त सामग्री एवं शोध प्रविधियाँ
शोध क्षेत्र: प्रस्तुत अध्ययन छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के दो कमार ग्रामों बनसिवनी और मामाभांचा पर किया गया है, ये ग्राम क्रमशः कौंदकेरा और मामाभांचा पंचायत के अंतर्गत् आते हैं।
शोध प्रविधियाँ: ग्राम परिचय, पारिवारिक अनुसूची, और विषय से संबंधित कार्य के लिये निम्नांकित प्रविधियों का प्रयोग किया गया।
1. साक्षात्कार अनुसूची
2. अर्ध सहभागी अवलोकन
शोध आकार: अध्यनित दोनों ग्रामों के सभी 38 कमार परिवारों पर अध्ययन जनगणना प्रविधि के माध्यम से किया गया है । इन कमार परिवारों की कुल जनसंख्या 153 है, इनमें से 76 पुरुष एवं 77 स्त्रियाँ हैं ।
द्वितीयक तथ्यों के स्रोत: तुलनात्मक अध्ययन हेतु द्वितीयक तथ्यों का संकलन 2007 में कमार विकास अभिकरण क्षेत्र में हुये प्रोजेक्ट रिपोर्ट श्। च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंत रू ज्ीम डवेज च्तपउपजपअम ज्तपइम व िब्ीींजजपेहंतीण् ;।ेीवा च्तंकींद ंदक डवलदं ब्ींातंअंतजलद्ध एवं जनगणना वर्ष 2001 के तथ्यों को लिया गया है ।
3. उद्देश्य: प्रस्तुत अध्ययन के मुख्य उद्देश्य एवं महत्व निम्नानुसार हैं:ंदक
1. अध्ययन के आधार पर महासमुंद जिले के आदिम जनजाति कमारों की आर्थिक स्थिति ज्ञात करना
2. अध्यनित क्षेत्र के कमारों की शैक्षणिक स्थिति ज्ञात करना ।
3. विकास अभिकरण क्षेत्र के आदिम जनजाति कमारों के साथ तुलनात्मक अध्ययन करना।
4. महासमुंद के कमारों के विकास के लिये उपाय चिन्हित करना ।
5. इनके अतिरिक्त इस शोध अध्ययन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराना है कि परियोजना क्षेत्र के बाहर के कमारों को भी परियोजना क्षेत्र में सम्मिलित कर उन्हें भी वे सारी सुविधाएं प्रदान कि जायें जो परियोजना क्षेत्र में सम्मिलित जनजातियों को प्राप्त होती हैं । ताकि सभी कमारों का समानांतर व सर्वांगीण विकास हो सके ।
4ण् महत्व: अर्थशास्त्र की भाषा में कहा जाये तो विकास शब्द न केवल एक सकारात्मक परिर्वतन का सूचक है, अपितु इसका संबंध मानव मात्र के कल्याण से भी है। जब हम किसी अर्थव्यवस्था के विकास की बात करते हैं, तो उससे हमारा तात्पर्य उसके चहुँमुखी विकास तथा उससे संबंधित प्रत्येक क्षेत्र व वर्ग के विकास से होता है। सर्वविदित तथ्य है कि आर्थिक स्तर में वृद्धि का प्रत्यक्ष प्रभाव जीवन के अन्य क्षेत्रों पर पड़ता है । प्रस्तुत अध्ययन परियोजना क्षेत्र से बाहर के आदिम जनजातीय कमार क्षेत्र के पिछड़ापन को दर्शाता है और इस बात पर बल देता है कि आदिम जनजाति कमार के सर्वांगीण विकास हेतु परियोजना से बाहर के क्षेत्रों को भी परियोजना क्षेत्रों में शामिल किये जाने की आवश्यकता है ।
5ण् विश्लेषण एवं निष्कर्ष
अध्ययन से प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण निम्नानुसार है.
अध्यनित परिवारों की जनसंख्.या: अध्यनित कमार परिवारों का जनसंख्यात्मक विवरण निम्नांकित सारणी में प्रस्तुत है.
सारणी क्रमांक 1: कमार परिवारों का परिवार के प्रकार के आधार पर तुलनात्मक वर्गीकरण
क्र. विवरण केंद्रीय परिवार संयुक्त परिवार कुल परिवार
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. वर्तमान अध्ययन 32 84.21 6 15.79 38 100.00
2. पूर्व अध्ययन 352 88.00 48 12.00 400 100.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
सारणी क्रमांक 1 अध्यनित कमार जनसंख्या का जनसांख्यिकीय विवरण दर्शाती है, जिसके अनुसार अध्यनित 38 कमार परिवारों की कुल जनसंख्या 153 है। इसमें से 76 अर्थात् 49.67 प्रतिशत पुरुष और 77 अर्थात् 50.33 प्रतिशत स्त्रियाँ हैं। इनमें प्रति एक हजार पुरुषों पर 1013 स्त्रियाँ हैं । तुलनात्मक अध्ययन 400 परिवारों पर किया गया है जिनकी कुल जनसंख्या 1933 है इसमें से 968 अर्थात 50.08 प्रतिशत पुरुष और 965 अर्थात् 49.62 प्रतिशत स्त्रियाँ हैं। इनमें प्रति एक हजार पुरुषों पर 997 स्त्रियाँ हैं। जनगणना 2001 के अनुसार छत्तीसगढ़ में कमार जनजाति में लिंगानुपात 1025 है।
प्ण् परिवार के प्रकार: अध्यनित क्षेत्र के कमार परिवारों में केंद्रीय परिवारों की बहुलता 84.21 प्रतिशत रही और संयुक्त परिवार मात्र 15.79 प्रतिशत पाये गये । पूर्व अध्ययन के तथ्यों के अनुसार कमार विकास अभिकरण के क्षेत्र के कमारों में केंद्रीय परिवार (88.00 प्रतिशत) है जबकि संयुक्त परिवार (12.00 प्रतिशत) है ।
सारणी क्रमांक 2: कमार परिवारों का परिवार के प्रकार के आधार पर तुलनात्मक वर्गीकरण
क्र. विवरण केंद्रीय परिवार संयुक्त परिवार कुल परिवार
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. वर्तमान अध्ययन 32 84.21 6 15.79 38 100.00
2. पूर्व अध्ययन 352 88.00 48 12.00 400 100.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
प्प्ण् परिवार का आकार: संयुक्त परिवारों की न्यूनता और केंद्रीय परिवारों की अधिकता की वजह से 2. 4 तक के सदस्य वाले परिवार अध्यनित क्षेत्र मंे अधिक मिले । कमार जनजाति में विवाह के पश्चात् सामान्यतः नवदंपति को अलग कर दिया जाता है कम सदस्य वाले परिवारों का केंद्रीय परिवारों के रूप में अधिक मिलना इस तथ्य की पुष्टि करता है ।
सारणी क्रमांक 3: कमार परिवारों का परिवार के आकार के आधार पर तुलनात्मक वर्गीकरण
क्र. परिवार का आकार वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. 1.2 10 26.32 65 16.25
2. 3.4 14 36.84 119 29.75
3. 5.6 8 21.05 125 31.25
4. 7.8 6 15.79 62 15.50
5. 9.10 0 0.00 26 6.50
6. 11.12 0 0.00 3 0.75
योग 38 100.00 400 100.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन. च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
पारिवारिक वार्षिक आय:
सारणी क्रमांक 4 से स्पष्ट है कि वर्तमान् अध्यनित कमार क्षेत्र में 55.26 प्रतिशत परिवार मध्यम आय वर्ग रुपये 11000 से 15000 वार्षिक आय.समूह वाले परिवार हैं, 39.47 प्रतिशत परिवार रुपये 6000.11000 अर्थात् निम्न.मध्यम आय वर्ग से संबंधित हैं और 5.26 प्रतिशत परिवार निम्न आय वर्ग अर्थात् रुपये 6000 से कम वार्षिक आय वाले परिवार हैं । उच्च आय वर्ग रुपये 15000 से अधिक वार्षिक आय वाला एक भी परिवार अध्ययन में नहीं मिला । इसी तरह पूर्व अध्ययन के अनुसार कमार विकास प्राधिकरण क्षेत्र के कमारों में भी उच्च आय वर्ग रुपये 15000 से अधिक वार्षिक आय वाला एक भी कमार परिवार नहीं मिला। अधिकतर परिवार (66.75 प्रतिशत) निम्न आय वर्ग रुपये 6000 से कम वार्षिक आय वाले परिवार हैं। दोनों अध्ययनों में आय.वर्ग के अनुसार तुलनात्मक वर्गीकरण दर्शाता है कि कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के 29.50 प्रतिशत कमार परिवार निम्न.मध्यम आय वर्ग (रुपये 6000 से 11000) से सम्बद्ध हैं जबकि महासमुंद जिले के कमारों में इस वर्ग से सम्बद्ध परिवारों की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक (39.47 प्रतिशत) है। वर्तमान अध्ययनित क्षेत्र में अधिकतर कमार परिवार मध्यम आय.वर्ग (रुपये 11000.15000) से सम्बद्ध रखते हैं। जबकि कमार विकास अभिकरण के 4.75 प्रतिशत परिवार ही मध्यम आय.वर्ग के अंतर्गत् वर्गीकृत हैं। इसका कारण महासमुंद के कमारों के पास जमीन की अपेक्षाकृत अधिक उपलब्धता एवं संयुक्त परिवार से होने वाली आय है। महासमुंद जिले के कमार चूंकि समतल क्षेत्रों में निवासरत् हैं अतः यहां पर रोजगार के साधन उनके ऐसे समय में उन्हें उपलब्ध हो जाते हैं जब वे वनोपज संग्रहण, कृषि व बांस.बर्तन के कार्यो से विमुक्त रहते हैं
सारणी क्रमांक 4: कमार परिवारों का वार्षिक आय के आधार पर तुलनात्मक वर्गीकरण
क्र. आय वर्ग आय-समूह (रुपयों में) वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. निम्न आय वर्ग 6000 से कम 2
5.26
263
65.75
2. निम्न मध्यम आय वर्ग 6000-
11000 15
39.47
118
29.50
3. मध्यम आय वर्ग 11000-
15000 21
55.26
19
4.75
4. उच्च आय वर्ग 15000 से अधिक 0
0.00
0
0.00
योग 38
100.00 400
100.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन-च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
प्टण् आय के स्रोत: अध्यनित क्षेत्र में कमारों की पारिवारिक आय के मुख्य स्रोत पारिवारिक संलग्नता के आधार पर क्रमशः परंपरागत् व्यवसाय (बांस.बर्तन निर्माण), मजदूरी, कृषि, वनोपज संग्रहण व तदुपरांत पशुपालन हैं। वहीं शासकीय या अशासकीय नौकरी करने वाला कोई भी कमार अध्यनित क्षेत्र में नहीं मिला । इसी तरह पूर्व अध्ययन के तथ्यों के अनुसार कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के कमारों की आय के मुख्य स्रोत क्रमशः वनोपज संग्रहण, मजूदरी, कृषि, पशुपालन, परंपरागत् व्यवसाय (बांस.बर्तन निर्माण) व तत्पश्चात् नगण्य मात्रा में सरकारी नौकरी भी है।
सारणी क्रमांक 5: कमार परिवारों के आय के स्रोतों का तुलनात्मक विवरण
क्र. आय के स्रोत वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. कृषि 33 86.84 198 49.5
2. वनोपज संग्रहण 30 78.95 375 93.75
3. पशुपालन 3 7.89 73 18.25
4. मजदूरी 35 92.11 334 83.25
5. सरकारी नौकरी 0 0.00 4 1.00
6. परंपरागत् व्यवसाय 37 97.37 37 9.25
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
सारणी क्रमांक 5 मंे स्पष्ट है कि महासमुंद जिले के कमारों की आय का सर्वाधिक हिस्सा बांस.बर्तन निर्माण से आता है जिसमें 97.37 प्रतिशत परिवार संलग्न हैं, इसके लिये भी इन्हें क्षेत्रीय बंसोड़ो से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। तत्पश्चात् 92.11 प्रतिशत संलग्नता मजदूरी में है। इसके अतिरिक्त 86.84 प्रतिशत परिवार कृषि कार्यो में और 78.95 प्रतिशत परिवार वनोपज संग्रहण में संलग्न हैं। पशु पालन से मात्र 7.89 प्रतिशत कमार परिवार आय प्राप्त कर रहे हैं। पूर्व अध्ययन के आंकड़ो के अनुसार कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के कमार परिवारों में सर्वाधिक 93.75 प्रतिशत परिवार वनोपज संग्रहण में संलग्न हैं, तत्पश्चात् 83.25 प्रतिशत परिवार मजदूरी में। कृषि कार्य में 49.5 प्रतिशत परिवार, पशुपालन में 18.25 प्रतिशत परिवार, बांसबर्तन निर्माण में 9.25 प्रतिशत परिवार तथा 1 प्रतिशत परिवार सरकारी नौकरी में संलग्न हैं ।
टण् परिवार द्वारा धारित भूमि:
सारणी क्रमांक 6: कमार परिवारों के द्वारा धारित भूमि का तुलनात्मक वितरण
क्र. भूमि वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. भूमिहीन 5 13.16 176 44.00
2. 1 एकड़ से कम 10 26.32 20 5.00
3. 1 से 5 एकड़ 23 60.53 188 47.00
4. 5 एकड़ से अधिक 0 0.00 16 4.00
योग 38
100.00 400
100.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
सारणी क्रमांक 6 से स्पष्ट है कि वर्तमान् अध्यनित क्षेत्र के कुल 86.84 प्रतिशत कमार परिवार कृषि कार्यो में संलग्न हैं। इनमें से 60.53 प्रतिशत परिवारों के पास 1.5 एकड़ कृषि भूमि है जबकि 26.32 प्रतिशत परिवारों के पास 1 एकड़ से कम भूमि है। कुल 13.16 प्रतिशत परिवार भूमिहीन हैं। कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के मात्र 49.5 प्रतिशत परिवार कृषि कार्यो में संलग्न हैं जिनमें से 47 प्रतिशत के पास 1.5 एकड़ भूमि व 5 प्रतिशत के पास 1 एकड़ से कम कृषि भूमि उपलब्ध है । 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि धारित वाले परिवार 4 प्रतिशत हैं जबकि 44 प्रतिशत कमार परिवार भूमिहीन हैं ।
टप्ण् शिक्षा: आदिम जनजातीय जीवन शिक्षा को कोई महत्व नहीं देता या आय के सीमित साधनों के कारण संपूर्ण परिवार आय के साधन जुटाने वाले कार्यों में संलग्न हो जाता है और इस तरह तात्कालिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा का इनके जीवन में कोई महत्व नहीं रह जाता परंतु किसी भी जनजातीय समुदाय का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब उनके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र का समानांतर विकास हो, शिक्षा को इसमें अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रस्तुत अध्ययन में आदिम जनजाति कमार में शिक्षा की स्थिति संबंधी तथ्य इस प्रकार हैंदक सारणी क्रमांक 7 से स्पष्ट है कि वर्तमान अध्यनित क्षेत्र में साक्षरता 41.54 प्रतिशत पाई गई । पुरुषों में साक्षरता का प्रतिशत 27.69 है जबकि कमार स्त्रियों में शिक्षा का स्तर अत्यंत सोचनीय 13.85 प्रतिशत है। कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के कमारों में साक्षरता 40.40 प्रतिशत है जिसमें पुरुष साक्षरता 24.23 प्रतिशत एवं स्त्री साक्षरता 16.17 प्रतिशत है । इस तरह स्पष्ट दर्शित है कि कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के पुरुषों में साक्षरता का स्तर, महासमुंद जिले के पुरुषों की अपेक्षा निम्न है। वहीं कमार विकास अभिकरण क्षेत्र की कमार स्त्रियों में साक्षरता का स्तर, महासमुंद जिले की स्त्रियों की अपेक्षा उच्च है।
सारणी क्रमांक 8 मंे स्पष्ट है कि वर्तमान् अध्यनित क्षेत्र में कुल 64.81 प्रतिशत व्यक्तियांे ने प्राथमिक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है, इसमें से 44.44 प्रतिशत पुरुष और 20.37 प्रतिशत स्त्रियाँ हैं। 16.67 प्रतिशत व्यक्तियों ने माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है इसमें से 9.26 प्रतिशत पुरुष एवं 7.41 प्रतिशत स्त्रियाँ हैं । सिर्फ 1 व्यक्ति ने हाईस्कृल तक की शिक्षा प्राप्त की है, जो कि पुरुष वर्ग से है । कुल 16.67 प्रतिशत व्यक्ति प्रौढ़ शिक्षित हैं, इनमें से 11.11 प्रतिशत पुरुष और 5.56 प्रतिशत स्त्रियाँ हैं । महाविद्यालय स्तर या किसी तरह का तकनीकी शिक्षा से शिक्षित व्यक्ति अध्यनित क्षेत्र में नहीं मिला । पूर्व अध्ययन के अनुसार, कमार विकास अभिकरण क्षेत्र के कमारों में प्राथमिक स्तर की शिक्षा 77.26 प्रतिशत, माध्यमिक स्तर की शिक्षा 7.63 प्रतिशत व हाईस्कृल स्तर की शिक्षा 2.02 प्रतिशत है । यहां पर प्रौढ़ शिक्षितों का प्रतिशत 13.08 महासमुंद जिले के 16.67 प्रतिशत की तुलना में कम है । इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में भी महाविद्यालयीन व अन्य तकनीकी स्तर तक शिक्षित कोई भी व्यक्ति नहीं है ।
टप्प्ण् हितग्राही परिवार: अनुसूचित जनजातियों के लिये केंद्र एवं राज्य स्तर पर अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। आदिम जनजातियों हेतु विकास प्राधिकरण क्षेत्रीय स्तर पर गठित किये गये हैं। जिनके अंतर्गत् विशेष रूप से उन्हें ध्यान में रखते हुये अनेक योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रस्तुत सारणी में विभिन्न योजनाओं से लाभांवित परिवारों संबंधी जानकारीयां दी गई हैं ।
सारणी क्रमांक 7: कमार जनसंख्या में साक्षर एवं निरक्षर जनसंख्या का तुलनात्मक प्रतिशत वितरण (0ंदक6 वर्ष के बच्चों को छोड़कर)
क्र. थ्ववरण वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
पुरुष स्त्री योग पुरुष स्त्री योग
सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति.
1. साक्षर 36 27.69 18 13.85 54 41.54 385 24.23 257 16.17 642 40.40
2. निरक्षर 27 20.77 49 37.69 76 58.46 408 25.68 539 33.92 947 59.60
योग 63 48.46 67 51.54 130 100.00 793 49.91 796 50.09 1589 100.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
सारणी क्रमांक 8: कमार जनसंख्या में साक्षर व्यक्तियों के शैक्षणिक स्तर का तुलनात्मक विवरण
क्र. शिक्षा का स्तर वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
पुरुष स्त्री योग पुरुष स्त्री योग
सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति. सं. प्रति.
1. प्राथमिक शाला 24 44.4 11 20.3 35 64.8 276 42.9 220 34.2 496 77.2
2. माध्यमिक शाला 5 9.2 4 7.4 9 16.6 32 4.9 17 2.6 49 7.6
3. हाईस्कूल/उ0मा0 शाला 1 1.8 0 0.0 1 1.8 12 1.8 1 0.7 13 2.0
4. महाविद्यालय 0 0.0 0 0.0 0 0.0 0 0.0 0 0.0 0 0.0
5. अन्य तकनीकी 0 0.0 0 0.0 0 0.0 0 0.0 0 0.0 0 0.0
6. प्रौढ़ शिक्षित 6 11.1 3 5.5 9 16.6 65 10.1 19 2.9 84 13.2
योग 36 66.6 18 33.3 54 100 385 59.9 257 40.0 642 100
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज व िज्ञंउंतश्
सारणी क्रमांक 9: कमार परिवारों में विभिन्न योजनाओं से लाभांवित हितग्राही परिवारों की संख्या का तुलनात्मक विवरण
क्र. योजनायें वर्तमान अध्ययन पूर्व अध्ययन
संख्या प्रतिशत संख्या प्रतिशत
1. इंदिरा आवास 2 5.26 185 46.25
2. मकान मरम्मत 0 0.00 2 0.50
3. भूमि/पट्टा वितरण 0 0.00
10 2.50
4. भूंदकसुधार/ मरम्मत 0 0.00
0 0.00
5. बीजंदकखाद 0 0.00 48 12.00
6. सिंचाई 0 0.00 9 2.25
7. बैलजोड़ी 0 0.00 14 3.50
8. बैलगाड़ी 0 0.00 4 1.00
9. पशुपालन 0 0.00 7 1.75
10. घरेलू उद्योग/कच्चा पदार्थ 0 0.00
39 9.75
11. सायकल 0 0.00 21 5.25
12. शिक्षा 20 52.63 0 0.00
13. स्वास्थ्य 5 13.16 1 0.25
14. दुर्घटना 1 2.63 1 0.25
15. निराश्रित पेंशन 1 2.63 28 7.00
16. अन्य 0 0.00 0 0.00
स्रोत: पूर्व अध्ययन.च्तंकींद ंदक ब्ींातंअंतजल 2007 श् । च्संद थ्वत ज्ीम क्मअमसवचउमदज 0 िज्ञंउंतश्
सारणी क्रमांक 9 से स्पष्ट है कि अध्ययन क्षेत्र में मात्र 5.26 प्रतिशत परिवार इंदिरा आवास योजना से, 52.63 प्रतिशत परिवार विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं से, 13.16 प्रतिशत परिवार स्वास्थ्य योजनाओं से, 2.63 प्रतिशत परिवार दुर्घटना सहायता व 2.63 प्रतिशत परिवार निराश्रित पेंशन की योजनाओं से लाभांवित हुये हैं। ये सभी योजनायें सामान्य स्तर पर अनुसूचित जनजाति को प्राप्त होती हैं, विशेष रूप से आदिम जनजाति को दिये जाने वाली सुविधायें जैसे भूमि.वितरण, भू.सुधार एवं मकान मरम्मत् सहायता, बैलजोड़ी, पशुपालन, मत्स्यपालन व सिंचाई हेतु दी जाने वाली सहायताओं से ये पूर्णतया वंचित हैं । जबकि विकास प्राधिकरण क्षेत्र के कमार अनेक तरह की विकासीय योजनाओं से लाभांवित हो रहे हैं । जिनमें इंदिरा आवास योजना ;46ण्25ःद्ध, बीज.खाद हेतु सहायता ;12ण्00ःद्ध, घरेलू उद्योग हेतु कच्चा पदार्थ ;9ण्75ःद्ध, निराश्रित पेंशन ;7ण्00ःद्ध, सायकल ;5ण्25ःद्ध, बैलजोड़ी ;3ण्50ःद्ध, भूमि.पट्टा वितरण ;2ण्50ःद्ध, पशुपालन ;1ण्75ःद्ध हेतु सहायता इत्यादि प्रमुख हैं । इन योजनाओं का स्पष्ट प्रभाव इनके रह.सहन, जीवनस्तर व अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है ।
6. सुझाव
विकास प्राधिकरण क्षेत्र से बाहर महासमुंद जिले के कमारों के विकास हेतु निम्नांकित सुझाव प्रस्तुत हैं.
1. इनके विकास के लिये प्रथम आवश्यकता इस बात की है कि महासमुंद जिले को कमार विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किया जाये इसके लिये विकास प्राधिकरण की एक उपशाखा यहां पर स्थापित की जाये।
2. महासमुंद क्षेत्र के अधिकांश परिवार भूमिधर है अतः इनकी कृषि को उन्नत बनाने एवं उद्यानिकी हेतु उपयोगी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्यवयन की आवश्यकता है।
3. स्त्री.साक्षरता को बढ़ावा देने वाले योजनाओं के निर्माण की आवश्यकता है । कम उम्र के बच्चों को विशेषकर बालिकाओं को शिक्षा की ओर प्रेरित किया जाना चाहिये ।
4. बांस.बर्तन निर्माण को कुटीर उद्योग का दर्जा देकर आवश्यक सहायता उपलब्ध की जानी चाहिये ।
5. शासकीय आंकड़ों के अनसार आदिम जनजाति कमार की जनसंख्या वृद्धि दर में लगातार कमी हो रही है । ये आंकड़े इस संदर्भ मंे सही नहीं हैं कि राज्य स्तर पर आदिम जनजातियों की गणना सिर्फ उन क्षेत्रों तक सीमित है, जो क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत् आते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि जनसंख्या वृद्धि दर में इस कमी का मुख्य कारण इन क्षेत्रों से कमार परिवारों का लगातार पलायन है। विकास अभिकरण क्षेत्र के अंतर्गत् अनेक विकासीय योजनाओं की उपलब्धता के बाद भी इन परिवारों का पलायन चिंतनीय तथ्य है, अतः आवश्यकता इस बात की भी है, कि इनके पलायन को रोका जाये और आदिम जनजाति को उनके क्षेत्र में ही विशेष सुविधाएं प्रदान की जायें और उन्हें विकास की मुख्यधारा में सर्वांगीण रूप से जोड़ा जा सके।
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Received on 22.09.2009
Accepted on 11.11.2009
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Research J. of Humanities and Social Sciences. 1(1): Jan.-March 2010, 9-12